hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
AKSHAT DWIVEDI
bade pyaare tariqe se vo maarega
bade pyaare tariqe se vo maarega | बड़े प्यारे तरीक़े से वो मारेगा
- AKSHAT DWIVEDI
बड़े
प्यारे
तरीक़े
से
वो
मारेगा
लगा
कर
के
गले
दिल
से
उतारेगा
बता
दूँ
दोस्त
अपना
दर्द
लेकिन
तू
सुनेगा
तो,
मगर
हालत
सुधारेगा?
भले
राजा
हो
लेकिन
जो
घमंडी
हो
किसी
वनवासी
से
तो
जंग
हारेगा
ज़माना
आज़मा
कर
देख
ले
चाहे
तुझे
दिल
से
नहीं
तन
से
पुकारेगा
- AKSHAT DWIVEDI
Download Ghazal Image
जंग
में
जिन्हे
अब
तक
तुम
झुका
न
पाए
थे
झुक
रही
हैं
वो
सारी
पगड़ियाँ
मोहब्बत
में
Alankrat Srivastava
Send
Download Image
7 Likes
जंग
तो
ख़ुद
ही
एक
मसअला
है
जंग
क्या
मसअलों
का
हल
देगी
Sahir Ludhianvi
Send
Download Image
47 Likes
कभी
तो
ख़त्म
हो
ये
जंग
जिस
में
फ़क़त
मरने
को
जीना
पड़
रहा
है
Read Full
Anand Verma
Send
Download Image
21 Likes
बात
की
फिर
बाद
में
झगड़ा
हुआ
और
उस
के
बाद
मन
हल्का
हुआ
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
ज़िन्दगी,
यूँँ
भी
गुज़ारी
जा
रही
है
जैसे,
कोई
जंग
हारी
जा
रही
है
जिस
जगह
पहले
से
ज़ख़्मों
के
निशां
थे
फिर
वहीं
पे
चोट
मारी
जा
रही
है
Read Full
Azm Shakri
Send
Download Image
38 Likes
वो
लड़
कर
भी
सो
जाए
तो
उस
का
माथा
चूमूँ
मैं
उस
से
मोहब्बत
एक
तरफ़
है
उस
से
झगड़ा
एक
तरफ़
Varun Anand
Send
Download Image
261 Likes
देश
मेरा
जंग
तो
जीता
मगर
लौट
कर
आया
नहीं
बेटा
मेरा
Divy Kamaldhwaj
Send
Download Image
40 Likes
हो
रही
थी
जंग
उसके
नाम
पर
और
वो
ही
मेरे
दुश्मनों
के
काम
आया
Shashank Shekhar Pathak
Send
Download Image
2 Likes
बैठ
कर
बात
की
और
जुदा
हो
गए
कोई
शिकवा
नहीं
कोई
झगड़ा
नहीं
Shariq Kaifi
Send
Download Image
31 Likes
अगर
लगता
है
वो
क़ाबिल
नहीं
है
तो
रिश्ता
तोड़ना
मुश्किल
नहीं
है
रक़ीब
आया
है
मेरे
शे'र
सुनने
तो
अब
ये
जंग
है
महफ़िल
नहीं
है
Read Full
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
35 Likes
Read More
आपके
लिए
ये
सब
सोचना
ही
ज़ाया'
है
कब
मेरा
ये
ग़म
मेरे
ही
समझ
में
आया
है
बस
अभी
अभी
अच्छा
ख़ासा
हँस
रहा
था
मैं
किस
ख़याल
ने
जाने
ऐसे
चुप
बिठाया
है
तुमने
भी
यहाँ
आकर
प्रेम
ही
किया
आख़िर
तुम
ही
कहते
थे
मोहन
ये
तुम्हारी
माया
है
वहम
तोड़
कर
सारे
राजा
का
सरलता
से
राम
जी
ने
हँसते
हँसते
धनुष
उठाया
है
Read Full
AKSHAT DWIVEDI
Download Image
3 Likes
लगाए
सीने
से
हमको
यूँँ
रखिए
और
चुप
रहिए
सदाएँ
कहती
इस
धड़कन
को
सुनिए
और
चुप
रहिए
तरीका
ये
बड़ा
अच्छा
है
अपना
दर्द
कहने
का
ग़ज़ल
सुनिए
किसी
से
कुछ
न
कहिए
और
चुप
रहिए।
Read Full
AKSHAT DWIVEDI
Download Image
5 Likes
उनकी
आँखों
में
उतर
के
देखना
थोड़े
बिखरो
तो
सँवर
के
देखना
बावली
है
इश्क़
करना
है
तुझे
अच्छा
ही
है
मुझ
सेे
कर
के
देखना
Read Full
AKSHAT DWIVEDI
Download Image
1 Like
बात
तो
खुल
के
बताई
थी
नहीं
ये
आपको
रफ़्ता
रफ़्ता
वो
जुदा
करने
लगे
थे
आपको
इश्क़
में
पागल
तो
देखे
हैं
मगर
इतना
नहीं
बावला
कहता
है
कुछ
कर
लेगा
अपने
आपको
Read Full
AKSHAT DWIVEDI
Send
Download Image
5 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Aabroo Shayari
Gareebi Shayari
Raqeeb Shayari
Romantic Shayari
Festive Shayari