aankhoñ men KHvaab taaza hai dil men naya khayal bhi | आँखों में ख़्वाब ताज़ा है दिल में नया ख़याल भी

  - Akram Mahmud
आँखोंमेंख़्वाबताज़ाहैदिलमेंनयाख़यालभी
औरजोमेहरबाँरहेगर्दिश-ए-माह-ओ-सालभी
मिलनेकीएहतिमामतकहमतिरेमुंतज़िररहे
अबतोनहींरहामगरमिलनेकाएहतिमालभी
वक़्तकहाँरुकाभलापरयेकिसेगुमानथा
उम्रकीज़दमेंआएगातुझसापरी-जमालभी
उसनेदिएथेफूलजोअबउसेक्यादिखाइए
रखतानहींहैजबकिदिलख़्वाहिश-ए-इंदिमालभी
ख़्वाब-ए-जमालताज़ा-तरआयाथाचोरकीतरह
खुरचकेदिलसेलेगयाआपकेख़द-ओ-ख़ालभी
लाओतोमैंहीटाँकदूँतारेकोआसमानपर
मेरेहीहाथसेअगरहोनाहैयेकमालभी
  - Akram Mahmud
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