ek nayi zeest li.e aaj ajal aayi hai | एक नई ज़ीस्त लिए आज अजल आई है

  - Akmal Alduri
एकनईज़ीस्तलिएआजअजलआईहै
क़ैदसेहमनेरिहाईहीकहाँपाईहै
उससेमिलनेकेलिएइसक़दरदिलतड़प
मेराइज़हार-ए-मोहब्बतमिरीरुस्वाईहै
इन्क़िलाबात-ए-ज़मानाकोज़मानासमझे
हमतोकहतेहैंकिवोभीतिरीअंगड़ाईहै
जिसकेशो'लोंसेहुईहुस्नकीरंगतरौशन
आगऐसीमिरेजज़्बातनेसुलगाईहै
हमनेअरमानोंकीमय्यतकोदियाहैकांधा
ग़म-ए-दिलयेतिरीहौसला-अफ़ज़ाईहै
हैयेडरनूहकातूफ़ाँसमझलेदुनिया
चादर-ए-अश्क-ए-वफ़ाहमनेजोफैलाईहै
आइना-ख़ाना-ए-दिलमेंवोज़रूरआएँगे
उनकेदिलमेंभीतमन्ना-ए-ख़ुद-आराईहै
हाथसेसाक़ीकेपीनाहीपड़ेगामुझेअब
मेरीतौबा-शिकनीबनकेघटाछाईहै
'अकमल'इंसानवोअकमलहैब-फ़ैज़-ए-फ़ितरत
दर्द-ए-इंसाँसेजिसइंसाँकीशनासाईहै
  - Akmal Alduri
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