उसकेनज़दीकग़म-ए-तर्क-ए-वफ़ाकुछभीनहीं
मुतमइनऐसाहैवोजैसेहुआकुछभीनहीं
अबतोहाथोंसेलकीरेंभीमिटीजातीहैं
उसकोखोकरतोमिरेपासरहाकुछभीनहीं
चारदिनरहगएमेलेमेंमगरअबकेभी
उसनेआनेकेलिएख़तमेंलिखाकुछभीनहीं
कलबिछड़नाहैतोफिरअहद-ए-वफ़ासोचकेबाँध
अभीआग़ाज़-ए-मोहब्बतहैगयाकुछभीनहीं
मैंतोइसवास्तेचुपहूँकितमाशानबने
तूसमझताहैमुझेतुझसेगिलाकुछभीनहीं
ऐ'शुमार'आँखेंइसीतरहबिछाएरखना
जानेकिसवक़्तवोआजाएपताकुछभीनहीं