apni baahon ko ham ne patwaar kiya tha | अपनी बाहों को हम ने पतवार किया था

  - Akhtar Shumar
अपनीबाहोंकोहमनेपतवारकियाथा
तबजाकरवोख़ूनकादरियापारकियाथा
पत्थरफेंककेलोगोंनेजबइज़्ज़तबख़्शी
हमनेअपनेहाथोंकोदस्तारकियाथा
कौनसेख़्वाबनेरातअपनीआँखेंखोलीथीं
किसकीख़ुशबूनेदिलकोबेदारकियाथा
उसनेदिलपरक़ब्ज़ाकियाबनबैठाआमिर
हमनेजिसकीशाहीसेइंकारकियाथा
बनतेगएथेअपनीठोकरसेवोरस्ते
जिनरस्तोंकोतूनेकलदीवारकियाथा
जिनकोकभीइकआँखहमभाएथे'अख़्तर'
हमनेउनकीनफ़रतसेभीप्यारकियाथा
  - Akhtar Shumar
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