vaa'da us maah-roo ke aane ka | वा'दा उस माह-रू के आने का

  - Akhtar Shirani
वा'दाउसमाह-रूकेआनेका
येनसीबासियाह-ख़ानेका
कहरहीहैनिगाह-ए-दुज़-दीदा
रुख़बदलनेकोहैज़मानेका
ज़र्रेज़र्रेमेंबे-हिजाबहैंवो
जिनकोदावाहैमुँहछुपानेका
हासिल-ए-उम्रहैशबाबमगर
इकयहीवक़्तहैगँवानेका
चाँदनीख़ामुशीऔरआख़िरशब
किहैवक़्तदिललगानेका
हैक़यामततिरेशबाबकारंग
रंगबदलेगाफिरज़मानेका
तेरीआँखोंकीहोहोतक़्सीर
नामरुस्वाशराब-ख़ानेका
रहगएबनकेहमसरापाग़म
येनतीजाहैदिललगानेका
जिसकाहरलफ़्ज़हैसरापाग़म
मैंहूँउनवानउसफ़सानेका
उसकीबदलीहुईनज़रतौबा
यूँँबदलताहैरुख़ज़मानेका
देखतेहैंहमेंवोछुपछुपकर
पर्दारहजाएमुँहछुपानेका
करदियाख़ूगर-ए-सितम'अख़्तर'
हमपेएहसानहैज़मानेका
  - Akhtar Shirani
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