ajab tarah se ana ka khitaa kataav par tha | अजब तरह से अना का ख़ित्ता कटाव पर था

  - Akhtar Shaikh
अजबतरहसेअनाकाख़ित्ताकटावपरथा
रुकाथादरियामगरकिनाराबहावपरथा
शिकस्तमेंज़रकेसाथदीवार-ओ-दरचलेथे
जुआरीअबकेभीजीतख़्वाहिशकेदावपरथा
वहाँवहाँबाद-ए-तुंदकेभीगिरोहपहुँचे
जहाँ-जहाँसरकशोंकालश्करपड़ावपरथा
येकिसकेसीनेमेंधूपनेज़ेगड़ोरहीथी
वोबर्फ़रातोंमेंजिस्मकिसकाअलावपरथा
तमामशहरोंकेवस्तनामूसमंडियाँथीं
अनाकामेआ'रसबकेनज़दीकभावपरथा
  - Akhtar Shaikh
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