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Parwez Akhtar
dekhiye dosti meri achchhii nahin
dekhiye dosti meri achchhii nahin | देखिए दोस्ती मेरी अच्छी नहीं
- Parwez Akhtar
देखिए
दोस्ती
मेरी
अच्छी
नहीं
आपका
सब
कुछ
तबाह
हो
जाएगा
- Parwez Akhtar
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आए
थे
हँसते
खेलते
मय-ख़ाने
में
'फ़िराक़'
जब
पी
चुके
शराब
तो
संजीदा
हो
गए
Firaq Gorakhpuri
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ये
मख़मली
गद्दे
तो
तुझको
ही
मुबारक
हों
ऐ
दोस्त
मुझे
बस
माँ
की
गोद
ही
काफ़ी
है
Harsh saxena
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अदाकार
के
कुछ
भी
बस
का
नहीं
है
मोहब्बत
है
ये
कोई
ड्रामा
नहीं
है
जिसे
तेरी
आँखें
बताती
हैं
रस्ता
वो
राही
कहीं
भी
पहुँचता
नहीं
है
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Zubair Ali Tabish
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इसी
ख़्वाब
में
ज़ाया'
किया
'ईद
को
हर
दम
कभी
बोले
वो
सीने
से
लगकर
मुबारक
हो
Harsh saxena
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नापता
हूँ
मैं
ख़यालात
की
गहराई
को
कौन
समझेगा
मेरी
बात
की
गहराई
को
Charagh Sharma
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उस
ने
फेंका
मुझ
पे
पत्थर
और
मैं
पानी
की
तरह
और
ऊँचा
और
ऊँचा
और
ऊँचा
हो
गया
Kunwar Bechain
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सितारे
और
क़िस्मत
देख
कर
घर
से
निकलते
हैं
जो
बुज़दिल
हैं
मुहूरत
देखकर
घर
से
निकलते
हैं
हमें
लेकिन
सफ़र
की
मुश्किलों
से
डर
नहीं
लगता
कि
हम
बच्चों
की
सूरत
देखकर
घर
से
निकलते
हैं
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Abrar Kashif
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तुम्हारी
राह
में
मिट्टी
के
घर
नहीं
आते
इसलिए
तो
तुम्हें
हम
नज़र
नहीं
आते
Waseem Barelvi
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अगर
मैं
कथा
का
क़लमकार
होता
यक़ीनन
ही
वो
तो
मिरा
यार
होता
लगाती
नहीं
हर
दफ़ा
वो
बहाने
लगा
लेती
सीने
से
गर
प्यार
होता
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Vijay Potter Singhadiya
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ये
ऐसा
क़र्ज़
है
जो
मैं
अदा
कर
ही
नहीं
सकता
मैं
जब
तक
घर
न
लौटूँ
मेरी
माँ
सज्दे
में
रहती
है
Munawwar Rana
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अब
'अख़्तर'
तुम्हें
कैसे
मनाएं
तुम
हर
बात
पर
ही
बिगड़
रही
हो
अच्छा!
तो
तुम
को
भी
इश्क़
है
मुझ
से
देखो
तुम
सच
मुच
मुझ
से
झगड़
रही
हो
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Parwez Akhtar
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मैं
इतना
'आशिक़
मिज़ाज
हो
गया
हूँ
की
नफ़रत
से
मोहब्बत
हो
गई
है
Parwez Akhtar
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मैं
जिस
ज़मीं
पे
अपने
आँसुओं
को
दफन
करता
था
सुना
है
उसी
ज़मीन
पर
अब
के
बहार
आयेगी
Parwez Akhtar
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मिला
है
क़ैस
मुझे
दश्त
में
तो
पूछता
है
तुझे
भी
दश्त
में
लाई
है
जुस्तजू
तेरी?
Parwez Akhtar
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मैं
अपनी
दु'आओं
में
असर
ढूँडता
रहा
उस
में
छुपा
जो
ज़र
था
वो
ज़र
ढूँडता
रहा
नाकामियों
में
मैं
ने
गुज़ारी
है
ज़िन्दगी
नाकामियों
में
अपना
हुनर
ढूँडता
रहा
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Parwez Akhtar
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