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Parwez Akhtar
deedaar hua unka ik muddat baad
deedaar hua unka ik muddat baad | दीदार हुआ उनका इक मुद्दत बाद
- Parwez Akhtar
दीदार
हुआ
उनका
इक
मुद्दत
बाद
उन्हें
हम
देख
के
बच्चों
सा
मुस्कुराने
लगे
- Parwez Akhtar
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मैंने
बस
इतना
पूछा
था
क्या
देखते
हो
भला
मैंने
ये
कब
कहा
था
मुझे
देखना
छोड़
दो
गीली
मिट्टी
की
ख़ुशबू
मुझे
सोने
देती
नहीं
मेरे
बालों
में
तुम
उँगलियाँ
फेरना
छोड़
दो
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Tajdeed Qaiser
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जलता
नहीं
हूँ
आतिश-ए-रुख़सार
देख
कर
करता
हूँ
नाज़
ताक़त-ए-दीदार
देख
कर
Shaikh Sohail
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अगर
हुकूमत
तुम्हारी
तस्वीर
छाप
दे
नोट
पर
मेरी
दोस्त
तो
देखना
तुम
कि
लोग
बिल्कुल
फिजूलखर्ची
नहीं
करेंगे
हमारे
चंद
अच्छे
दोस्तों
ने
ये
वा'दा
ख़ुद
से
किया
हुआ
है
कि
शक्ल
अल्लाह
ने
अच्छी
दी
है
सो
बातें
अच्छी
नहीं
करेंगे
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Rehman Faris
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ईद
आई
तुम
न
आए
क्या
मज़ा
है
ईद
का
ईद
ही
तो
नाम
है
इक
दूसरे
की
दीद
का
Unknown
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क्या
कहा
दोस्त
समझना
है
तुम्हें
प्यार
नहीं
यानी
बस
देखना
है
पानी
को
पीना
नहीं
है
Neeraj Neer
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सरफ़रोशी
की
तमन्ना
अब
हमारे
दिल
में
है
देखना
है
ज़ोर
कितना
बाज़ू-ए-क़ातिल
में
है
Bismil Azimabadi
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दूर
इक
सितारा
है
और
वो
हमारा
है
आँख
तक
नहीं
लगती
कोई
इतना
प्यारा
है
छू
के
देखना
उसको
क्या
अजब
नज़ारा
है
तीर
आते
रहते
थे
फूल
किसने
मारा
है
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Kafeel Rana
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कौन
सी
जा
है
जहाँ
जल्वा-ए-माशूक़
नहीं
शौक़-ए-दीदार
अगर
है
तो
नज़र
पैदा
कर
Ameer Minai
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जो
भी
होना
था
हो
गया
छोड़ो
अब
मैं
चलता
हूँ
रास्ता
छोड़ो
अब
तो
दुनिया
भी
देख
ली
तुमने
अब
तो
ख़्वाबों
को
देखना
छोड़ो
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Vikram Sharma
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आज
फिर
दिल
में
तिरे
दीद
की
हसरत
जागी
काश
फिर
काम
कोई
तुझ
से
ज़रूरी
निकले
Nilofar Noor
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हर
एक
बात
पे
तेरा
रूठ
जाना
ये
इशारा
है
कि
तू
मेरा
है
Parwez Akhtar
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हाँ
तेरे
हुस्न
को
रुस्वा
किया
है
मैं
तेरे
हुस्न
से
उकता
गया
हूँ
Parwez Akhtar
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देखा
कि
पहले
शहर
में
मज़लूम
कितने
हैं
फिर
मुझ
को
इंतिख़ाब
कर
रुसवा
किया
गया
Parwez Akhtar
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दिल
अब
उदास
भी
नहीं
न
बेकरार
है
बस
ख़ाक
में
ही
मिलने
का
इंतजार
है
जिसके
सहारे
हयात
ए
ज़िन्दगी
का
लुत्फ
था
वो
ग़म
भी
आजकल
किसी
पे
उधार
है
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Parwez Akhtar
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तूने
इतनी
भी
चोटें
नहीं
खाई
हैं
'अख़्तर'
दिल
किसी
और
से
तू
भी
तो
लगा
सकता
है
Parwez Akhtar
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