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Unknown
eed aayi tum na aa.e kya mazaa hai eed ka
eed aayi tum na aa.e kya mazaa hai eed ka | ईद आई तुम न आए क्या मज़ा है ईद का
- Unknown
ईद
आई
तुम
न
आए
क्या
मज़ा
है
ईद
का
ईद
ही
तो
नाम
है
इक
दूसरे
की
दीद
का
- Unknown
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मेरी
नींदें
उड़ा
रक्खी
है
तुम
ने
ये
कैसे
ख़्वाब
दिखलाती
हो
जानाँ
किसी
दिन
देखना
मर
जाऊँगा
मैं
मेरी
क़स
में
बहुत
खाती
हो
जानाँ
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Subhan Asad
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आइने
की
आँख
ही
कुछ
कम
न
थी
मेरे
लिए
जाने
अब
क्या
क्या
दिखाएगा
तुम्हारा
देखना
Parveen Shakir
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अगर
हुकूमत
तुम्हारी
तस्वीर
छाप
दे
नोट
पर
मेरी
दोस्त
तो
देखना
तुम
कि
लोग
बिल्कुल
फिजूलखर्ची
नहीं
करेंगे
हमारे
चंद
अच्छे
दोस्तों
ने
ये
वा'दा
ख़ुद
से
किया
हुआ
है
कि
शक्ल
अल्लाह
ने
अच्छी
दी
है
सो
बातें
अच्छी
नहीं
करेंगे
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Rehman Faris
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मैंने
बस
इतना
पूछा
था
क्या
देखते
हो
भला
मैंने
ये
कब
कहा
था
मुझे
देखना
छोड़
दो
गीली
मिट्टी
की
ख़ुशबू
मुझे
सोने
देती
नहीं
मेरे
बालों
में
तुम
उँगलियाँ
फेरना
छोड़
दो
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Tajdeed Qaiser
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मैं
तो
क़ाबिल
न
था
उन
के
दीदार
के
उन
की
चौखट
पे
मेरी
ख़ता
ले
गई
Kausar Siwani
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कुछ
नज़र
आता
नहीं
उस
के
तसव्वुर
के
सिवा
हसरत-ए-दीदार
ने
आँखों
को
अंधा
कर
दिया
Haidar Ali Aatish
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जो
भी
होना
था
हो
गया
छोड़ो
अब
मैं
चलता
हूँ
रास्ता
छोड़ो
अब
तो
दुनिया
भी
देख
ली
तुमने
अब
तो
ख़्वाबों
को
देखना
छोड़ो
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Vikram Sharma
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तड़पना
हिज्र
तक
सीमित
नहीं
है
उसे
दुल्हन
भी
बनते
देखना
है
Anand Verma
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सरफ़रोशी
की
तमन्ना
अब
हमारे
दिल
में
है
देखना
है
ज़ोर
कितना
बाज़ू-ए-क़ातिल
में
है
Bismil Azimabadi
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जलता
नहीं
हूँ
आतिश-ए-रुख़सार
देख
कर
करता
हूँ
नाज़
ताक़त-ए-दीदार
देख
कर
Shaikh Sohail
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गुलशन
से
कोई
फूल
मुयस्सर
न
जब
हुआ
तितली
ने
राखी
बाँध
दी
काँटे
की
नोक
पर
Unknown
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क्या
क़यामत
है
कि
आरिज़
उन
के
नीले
पड़
गए
हम
ने
तो
बोसा
लिया
था
ख़्वाब
में
तस्वीर
का
Unknown
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देखा
न
कोहकन
कोई
फ़रहाद
के
बग़ैर
आता
नहीं
है
फ़न
कोई
उस्ताद
के
बग़ैर
Unknown
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उसकी
बस्ती
से
पहले
कब्रिस्तान
आशिकों
के
लिए
इशारा
था
Unknown
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ये
साल
भी
उदासियाँ
दे
कर
चला
गया
तुम
से
मिले
बग़ैर
दिसम्बर
चला
गया
Unknown
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