qasam in aankhoñ ki jin se lahu tapkata hai | क़सम इन आँखों की जिन से लहू टपकता है

  - Akhtar Ansari
क़समइनआँखोंकीजिनसेलहूटपकताहै
मिरेजिगरमेंइकआतिश-कदादहकताहै
गुज़िश्ताकाहिशअंदोहकेख़यालठहर
मिरेदिमाग़मेंशोलासाइकभड़कताहै
किसीकेऐश-ए-तमन्नाकीदास्ताँकहो
कलेजामेरीतमन्नाओंकाधड़कताहै
इलाज-ए-'अख़्तर'-ए-ना-कामक्यूँँनहींमुमकिन
अगरवोजीनहींसकतातोमरतोसकताहै
  - Akhtar Ansari
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy