zindagi kya hai jo dil ho tashna-e-zauq-e-wafa | ज़िंदगी क्या है जो दिल हो तश्ना-ए-ज़ौक़-ए-वफ़ा

  - Akhtar Ali Akhtar
ज़िंदगीक्याहैजोदिलहोतश्ना-ए-ज़ौक़-ए-वफ़ा
या'नीयेपर्दातोउठसकताहैआसानीकेसाथ
गुफ़्तुगू-ए-सूरत-ओ-मानीहैउनवान-ए-हयात
खेलतेहैंवोमिरीफ़ितरतकीहैरानीकेसाथ
तुमनेहरज़र्रेमेंबरपाकरदियातूफ़ान-ए-शौक़
इकतबस्सुमइसक़दरजल्वोंकीतुग़्यानीकेसाथ
दिलकीआबादीहै'अख़्तर'दिलकीबर्बादीकानाम
इकतअ'ल्लुक़हैमिरीहस्तीकोवीरानीकेसाथ
  - Akhtar Ali Akhtar
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