vahii hai gardish-e-dauraan vahii lail-o-nahaar ab bhi | वही है गर्दिश-ए-दौराँ वही लैल-ओ-नहार अब भी

  - Akhlaque Bandvi
वहीहैगर्दिश-ए-दौराँवहीलैल-ओ-नहारअबभी
रहाकरताहैरोज़-ओ-शबकिसीकाइंतिज़ारअबभी
कभीदिनभरतिरीबातेंकभीयादोंभरीरातें
तिरीफ़ुर्क़तमेंजीनेकेबहानेहैंहज़ारअबभी
तिराजल्वाजोपाजातीचमनमेंजाकेइठलाती
भिकारनबनकेबैठीहैतिरेदरपरबहारअबभी
ख़ुशीहर-चंदहैतारीगईग़मकीगिराँ-बारी
छलकजातीहैंआँखेंआदतनबे-इख़्तियारअबभी
हुएहैंमुंतशिरवर्नासितमगरतुमसेक्याडरना
हमारीठोकरोंमेंहैतुम्हाराइक़्तिदारअबभी
अगर'अख़लाक़'सेमिलतेमोहब्बतकेचमनखिलते
बनतीबज़्म-ए-याराँएकगाह-ए-कार-ज़ारअबभी
  - Akhlaque Bandvi
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