jism ke ghaar ke dahaane par | जिस्म के ग़ार के दहाने पर

  - Akhilesh Tiwari
जिस्मकेग़ारकेदहानेपर
वोहीकिरदारथानिशानेपर
क्यामुक़ाबिलथीअबकेभीदीवार
कोईबोलानहींबुलानेपर
इकमआ'नीनेऔरदमतोड़ा
ऐनअल्फ़ाज़केमुहानेपर
साएबाँकेतलेकहाँरहती
धूपजाबैठीशामियानेपर
वोभीईमानतकचलाआया
गएहमभीमुस्कुरानेपर
शोरतन्हाइयाँभीकरतीहैं
येखुलाकोईयादआनेपर
रत-जगाधुंधख़्वाबसरगोशी
इतनेमेहमाँग़रीब-ख़ानेपर
ज़ख़्मकावोहीरोज़कारोना
ज़ब्तकीज़िदभीआज़मानेपर
लाओनाकामियोंकाजामइधर
ख़ाकडालोभीअबज़मानापर
ख़ुदकोख़ुदमेंसमेटकरउठिए
गईधूपभीसिरहानेपर
मुतमइनअक़्लक्यूँनहींआख़िर
लगगयादिलभीजबठिकानेपर
  - Akhilesh Tiwari
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