meri nazaron men ata ki hai tiri soorat mujhe | मेरी नज़रों में अता की है तिरी सूरत मुझे

  - Akhgar shahani
मेरीनज़रोंमेंअताकीहैतिरीसूरतमुझे
मिलगईहैदो-जहाँकेहुस्नकीमूरतमुझे
तेरेरुख़कीरौशनीनेमुझपेवोछिड़काहैनूर
वस्लहीअबवस्ललगतीहैतिरीफ़ुर्क़तमुझे
कोईऐसीकैफ़ियतकोनामकुछदेताफिरे
आलम-ए-उल्फ़तनेबख़्शीहैनईअज़्मतमुझे
कोईकहताहैमोहब्बतसेहैतौहीन-ए-हयात
उसकेदमसेहैइनायतकिसक़दरइज़्ज़तमुझे
मुस्कुराकरउससेअक्सरदूरहोजाताहूँमैं
ता-क़यामतढूँढतीरहजाएगीशोहरतमुझे
  - Akhgar shahani
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