zor-o-zar ka hi silsila hai yahaañ | ज़ोर-ओ-ज़र का ही सिलसिला है यहाँ

  - Akbar Hameedi
ज़ोर-ओ-ज़रकाहीसिलसिलाहैयहाँ
लफ़्ज़कोकौनपूछताहैयहाँ
पहलातोअबकिसीजगहभीनहीं
जिसतरफ़देखोदूसराहैयहाँ
रातदिनफिररहाहूँगलियोंमें
मेराइकशख़्सखोगयाहैयहाँ
सहरहैयातिलिस्महैक्याहै
हरकोईराहभूलताहैयहाँ
हरकहींसचहीबोलनाचाहे
शायद'अकबर'नयानयाहैयहाँ
  - Akbar Hameedi
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