hañsi men saagar-e-zarreen khanak khanak jaa.e | हँसी में साग़र-ए-ज़र्रीं खनक खनक जाए

  - Akbar Hameedi
हँसीमेंसाग़र-ए-ज़र्रींखनकखनकजाए
शबाबउसकीसदाकाछलकछलकजाए
दिल-ओ-नज़रमेंबसीहैवोचाँदसीसूरत
वोदिल-कशीहैकिबालकहुमकहुमकजाए
लिबासमेंहैवोतर्ज़-ए-तपाक-ए-आराइश
जोअंगचाहेछुपानाझलकझलकजाए
क़दमक़दमतिरीरानाइयोंकेदरवाहों
रविशरविशतिराआँचलढलकढलकजाए
नफ़सनफ़सहोसबाकीतरहबहार-अंगेज़
उफ़ुक़उफ़ुक़गुल-ए-हस्तीमहकमहकजाए
नशात-ए-क़ुर्बकेलम्होंमेंउसकीअंगड़ाई
उभरकेख़ाक-ए-बदनसेधनकधनकजाए
बक़ाकेराज़हैंसबउसपेमुन्कशिफ़'अकबर'
वोशाख़-ए-सब्ज़हवासेलचकलचकजाए
  - Akbar Hameedi
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