kis chaman ki KHaak men phoolon ka mustaqbil nahin | किस चमन की ख़ाक में फूलों का मुस्तक़बिल नहीं

  - Akbar Haideri Kashmiri
किसचमनकीख़ाकमेंफूलोंकामुस्तक़बिलनहीं
दूरबींनज़रोंमेंरंग-ओ-बूहैंआब-ओ-गिलनहीं
शोख़ियाँहैंजिसकीहरजुम्बिशमेंलाखोंबे-नक़ाब
क्यूँँवोदुज़दीदा-निगाहीहक़-शनास-ए-दिलनहीं
जब्रसहताहूँमगरकबतकसहूँइंसानहूँ
सब्रकरताहूँमगरदिलसब्रकेक़ाबिलनहीं
हवादिस-आश्नाईज़ा-तलबदिलमुज़्दा-बाद
जारहाहूँउसतरफ़अबमैंजिधरमंज़िलनहीं
क्याहुआक्यूँँछूकेतुमग़ुंचेकोपीछेहटगए
येगुल-ए-नौख़ेज़हैमेराशिकस्ता-दिलनहीं
निगाह-ए-नाज़तेरीबज़्ममेंलायाहूँमैं
आजउसदिलकोजोबर्क़-ए-तूरकाक़ाइलनहीं
बज़्म-ए-हुस्न-ओ-इश्क़में'अकबर'कीअफ़्सुर्दा-दिली
दादकेलाएक़नहींबे-दादकेक़ाबिलनहीं
  - Akbar Haideri Kashmiri
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