apne pahluu se vo ghairoon ko utha hi na sake | अपने पहलू से वो ग़ैरों को उठा ही न सके

  - Akbar Allahabadi
अपनेपहलूसेवोग़ैरोंकोउठाहीसके
उनकोहमक़िस्सा-ए-ग़मअपनासुनाहीसके
ज़ेहनमेरावोक़यामतकिदो-आलमपेमुहीत
आपऐसेकिमिरेज़ेहनमेंहीसके
देखलेतेजोउन्हेंतोमुझेरखतेमअज़ूर
शैख़-साहिबमगरउसबज़्ममेंजाहीसके
अक़्लमहँगीहैबहुतइश्क़ख़िलाफ़-ए-तहज़ीब
दिलकोइसअहदमेंहमकाममेंलाहीसके
हमतोख़ुदचाहतेथेचैनसेबैठेंकोईदम
आपकीयादमगरदिलसेभुलाहीसके
इश्क़कामिलहैउसीकाकिपतंगोंकीतरह
ताबनज़्ज़ारा-ए-माशूक़कीलाहीसके
दाम-ए-हस्तीकीभीतरकीबअजबरक्खीहै
जोफँसेउसमेंवोफिरजानबचाहीसके
मज़हर-ए-जल्वा-ए-जानाँहैहरइकशय'अकबर'
बे-अदबआँखकिसीसम्तउठाहीसके
ऐसीमंतिक़सेतोदीवानगीबेहतर'अकबर'
किजोख़ालिक़कीतरफ़दिलकोझुकाहीसके
  - Akbar Allahabadi
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