har qadam kahtaa hai tu aaya hai jaane ke li.e | हर क़दम कहता है तू आया है जाने के लिए

  - Akbar Allahabadi
हरक़दमकहताहैतूआयाहैजानेकेलिए
मंज़िल-ए-हस्तीनहींहैदिललगानेकेलिए
क्यामुझेख़ुशआएयेहैरत-सरा-ए-बे-सबात
होशउड़नेकेलिएहैजानजानेकेलिए
दिलनेदेखाहैबिसात-ए-क़ुव्वत-ए-इदराकको
क्याबढ़ेइसबज़्ममेंआँखेंउठानेकेलिए
ख़ूबउम्मीदेंबंधींलेकिनहुईंहिरमाँनसीब
बदलियाँउट्ठींमगरबिजलीगिरानेकेलिए
साँसकीतरकीबपरमिट्टीकोप्यारहीगया
ख़ुदहुईक़ैदउसकोसीनेसेलगानेकेलिए
जबकहामैंनेभुलादोग़ैरकोहँसकरकहा
यादफिरमुझकोदिलानाभूलजानेकेलिए
दीदा-बाज़ीवोकहाँआँखेंरहाकरतीहैंबंद
जानहीबाक़ीनहींअबदिललगानेकेलिए
मुझकोख़ुशआईहैमस्तीशैख़जीकोफ़रबही
मैंहूँपीनेकेलिएऔरवोहैंखानेकेलिए
अल्लाहअल्लाहकेसिवाआख़िररहाकुछभीयाद
जोकियाथायादसबथाभूलजानेकेलिए
सुरकहाँकेसाज़कैसाकैसीबज़्म-ए-सामईन
जोश-ए-दिलकाफ़ीहै'अकबर'तानउड़ानेकेलिए
  - Akbar Allahabadi
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