tumhaare dil ki tarah ye zameen tang nahin | तुम्हारे दिल की तरह ये ज़मीन तंग नहीं

  - Akbar Ali Khan Arshi Zadah
तुम्हारेदिलकीतरहयेज़मीनतंगनहीं
ख़ुदाकाशुक्रकिपाँवमेंअपनेलंगनहीं
अजीबउससेतअ'ल्लुक़हैक्याकहाजाए
कुछऐसीसुल्हनहींहैकुछऐसीजंगनहीं
कोईबताओकिइसआइनेकामोलहैक्या
जिसआइनेपेनिशान-ए-गुबार-ओ-ज़ंगनहीं
मिराजुनूनहैकोताहयायेशहर-ए-तबाह
जोज़ख़्म-ए-सरकेलिएयाँतलाश-ए-संगनहीं
हैंसारेक़ाफ़िला-सालारसबहैंराह-नुमा
येक्यासफ़रहैजोकोईकिसीकेसंगनहीं
जोकुछमता-ए-हुनरहोतोसामनेलाओ
कियेज़माना-ए-इज़हार-ए-नस्ल-ओ-रंगनहीं
  - Akbar Ali Khan Arshi Zadah
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