shaam apni be-maza jaati hai roz | शाम अपनी बे-मज़ा जाती है रोज़

  - Ajmal Siraj
शामअपनीबे-मज़ाजातीहैरोज़
औरसितमयेहैकिजातीहैरोज़
कोईदिनआसाँनहींजातामिरा
कोईमुश्किलआज़माजातीहैरोज़
मुझसेपूछेकोईक्याहैज़िंदगी
मेरेसरसेयेबलाजातीहैरोज़
जानेकिसकीसुर्ख़-रूईकेलिए
ख़ूँमेंयेधरतीनहाजातीहैरोज़
गीतगातेहैंपरिंदेसुब्हशाम
यासमाअ'तचहचहाजातीहैरोज़
देखनेवालोंको'अजमल'ज़िंदगी
रंगकितनेहीदिखाजातीहैरोज़
  - Ajmal Siraj
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