kisi ke hijr men jeena muhaal ho gaya hai | किसी के हिज्र में जीना मुहाल हो गया है

  - Ajmal Siraj
किसीकेहिज्रमेंजीनामुहालहोगयाहै
किसेबताएँहमाराजोहालहोगयाहै
कहींगिराहैरौंदागयाहैदिलफिरभी
शिकस्ताहोगयाहैपाएमालहोगयाहै
सहरजोआईहैशबकेतमामहोनेपर
तोइसमेंकौनसाऐसाकमालहोगयाहै
कोईभीचीज़सलामतनहींमगरयेदिल
शिकस्तगीमेंजोअपनीमिसालहोगयाहै
उधरचराग़जलेहैंकिसीदरीचेमें
इधरवज़ीफ़ा-ए-दिलबहालहोगयाहै
हयाकारंगजोआयाहैउसकेचेहरेपर
येरंगहासिल-ए-शाम-ए-विसालहोगयाहै
मसाफ़त-ए-शब-ए-हिज्राँमेंचाँदभी'अजमल'
थकनसेचूरग़मोंसेनिढालहोगयाहै
  - Ajmal Siraj
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy