hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Ajmal Siraj
dushwaar hai is anjuman-aara ko samajhna
dushwaar hai is anjuman-aara ko samajhna | दुश्वार है इस अंजुमन-आरा को समझना
- Ajmal Siraj
दुश्वार
है
इस
अंजुमन-आरा
को
समझना
तन्हा
न
कभी
तुम
दिल-ए-तन्हा
को
समझना
हो
जाए
तो
हो
जाए
इज़ाफ़ा
ग़म-ए-दिल
में
क्या
अक़्ल
से
सौदा-ए-तमन्ना
को
समझना
इक
लम्हा-ए-हैरत
के
सिवा
कुछ
भी
नहीं
है
कुछ
और
न
इस
तुंदी-ए-दरिया
को
समझना
कुछ
तेज़
हवाओं
ने
भी
दुश्वार
किया
है
क़दमों
के
निशानात
से
सहरा
को
समझना
- Ajmal Siraj
Download Ghazal Image
जो
कल
हैरान
थे
उन
को
परेशाँ
कर
के
छोड़ूँगा
मैं
अब
आईना-ए-हस्ती
को
हैराँ
कर
के
छोड़ूँगा
दिखा
दूँगा
तमाशा
दी
अगर
फ़ुर्सत
ज़माने
ने
तमाशाए-ए-फ़रावाँ
को
फ़रावाँ
कर
के
छोड़ूँगा
किया
था
इश्क़
ने
ताराज
जिस
सेहन-ए-गुलिस्ताँ
को
मैं
अब
उस
पर
मोहब्बत
को
निगहबाँ
कर
के
छोड़ूँगा
अयाँ
है
जो
हर
इक
ज़र्रे
में
हर
ख़ुर्शीद
में
'अजमल'
मैं
उस
पर्दा-नशीं
को
अब
नुमायाँ
कर
के
छोड़ूँगा
Read Full
Ajmal Siraj
Download Image
0 Likes
हम
समझते
थे
कि
हम
उसको
भुला
सकते
हैं
वो
समझता
था
हमें
भूल
नहीं
पाएगा
वो
Ajmal Siraj
Send
Download Image
9 Likes
आरज़ूओं
का
मरकज़
था
दिल
हसरतों
में
घिरा
रह
गया
Ajmal Siraj
Send
Download Image
15 Likes
और
तो
ख़ैर
क्या
रह
गया
हाँ
मगर
इक
ख़ला
रह
गया
ग़म
सभी
दिल
से
रुख़्सत
हुए
दर्द
बे-इंतिहा
रह
गया
ज़ख़्म
सब
मुंदमिल
हो
गए
इक
दरीचा
खुला
रह
गया
रंग
जाने
कहाँ
उड़
गए
सिर्फ़
इक
दाग़
सा
रह
गया
आरज़ूओं
का
मरकज़
था
दिल
हसरतों
में
घिरा
रह
गया
रह
गया
दिल
में
इक
दर्द
सा
दिल
में
इक
दर्द
सा
रह
गया
ज़िंदगी
से
त'अल्लुक़
मिरा
टूट
कर
भी
जुड़ा
रह
गया
हम
भी
आख़िर
पशेमाँ
हुए
आप
को
भी
गिला
रह
गया
कोई
मेहमान
आया
नहीं
घर
हमारा
सजा
रह
गया
उस
ने
पूछा
था
क्या
हाल
है
और
मैं
सोचता
रह
गया
जाम
क्या
क्या
न
ख़ाली
हुए
दर्द
से
दिल
भरा
रह
गया
किस
को
छोड़ा
ख़िज़ाँ
ने
मगर
ज़ख़्म
दिल
का
हरा
रह
गया
ये
भी
कुछ
कम
नहीं
है
कि
दिल
गर्द-ए-ग़म
से
अटा
रह
गया
काम
'अजमल'
बहुत
थे
हमें
हाथ
दिल
पर
धरा
रह
गया
Read Full
Ajmal Siraj
Download Image
2 Likes
ये
उदासी
का
सबब
पूछने
वाले
'अजमल'
क्या
करेंगे
जो
उदासी
का
सबब
बतलाया
Ajmal Siraj
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Tamanna Shayari
Mehfil Shayari
Urdu Shayari
Dost Shayari
Jalwa Shayari