aur to KHair kya rah gaya | और तो ख़ैर क्या रह गया

  - Ajmal Siraj
औरतोख़ैरक्यारहगया
हाँमगरइकख़लारहगया
ग़मसभीदिलसेरुख़्सतहुए
दर्दबे-इंतिहारहगया
ज़ख़्मसबमुंदमिलहोगए
इकदरीचाखुलारहगया
रंगजानेकहाँउड़गए
सिर्फ़इकदाग़सारहगया
आरज़ूओंकामरकज़थादिल
हसरतोंमेंघिरारहगया
रहगयादिलमेंइकदर्दसा
दिलमेंइकदर्दसारहगया
ज़िंदगीसेत'अल्लुक़मिरा
टूटकरभीजुड़ारहगया
हमभीआख़िरपशेमाँहुए
आपकोभीगिलारहगया
कोईमेहमानआयानहीं
घरहमारासजारहगया
उसनेपूछाथाक्याहालहै
औरमैंसोचतारहगया
जामक्याक्याख़ालीहुए
दर्दसेदिलभरारहगया
किसकोछोड़ाख़िज़ाँनेमगर
ज़ख़्मदिलकाहरारहगया
येभीकुछकमनहींहैकिदिल
गर्द-ए-ग़मसेअटारहगया
काम'अजमल'बहुतथेहमें
हाथदिलपरधरारहगया
  - Ajmal Siraj
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