ghoom-fir kar isee kooche ki taraf aayenge | घूम-फिर कर इसी कूचे की तरफ़ आएँगे

  - Ajmal Siraj
घूम-फिरकरइसीकूचेकीतरफ़आएँगे
दिलसेनिकलेभीअगरहमतोकहाँजाएँगे
हमकोमालूमथायेवक़्तभीजाएगा
हाँमगरयेनहींसोचाथाकिपछताएँगे
येभीतयहैकिजोबोएँगेवोकाटेंगेयहाँ
औरयेभीकिजोखोएँगेवहीपाएँगे
कभीफ़ुर्सतसेमिलोतोतुम्हेंतफ़्सीलकेसाथ
इम्तियाज़-ए-हवस-ओ-इश्क़भीसमझाएँगे
कहचुकेहमहमेंइतनाहीफ़क़तकहनाथा
आपफ़रमाइएकुछआपभीफ़रमाएँगे
एकदिनख़ुदकोनज़रआएँगेहमभी'अजमल'
एकदिनअपनीहीआवाज़सेटकराएँगे
  - Ajmal Siraj
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