door hi se nihaar lenge ham | दूर ही से निहार लेंगे हम

  - Ajit Singh Badal
दूरहीसेनिहारलेंगेहम
तुमकोशर्मिंदाक्याकरेंगेहम
सूफ़ियोंकीतरहजिएँगेहम
दर्दमेंरक़्सभीकरेंगेहम
मुस्कुराकरकरोहमेंरुख़्सत
तुमभीरोएतोक्याकरेंगेहम
देकेजातेहोज़िंदगीकीदु'आ
क्यातुम्हारेबिनाजिएँगेहम
अपनेघरमेंभलेलड़ेंझगड़ें
एकहीछततलेरहेंगेहम
पहलेमाँ-बापकीकरेंख़िदमत
बाल-बच्चेभीपाललेंगेहम
ईदकारोज़हैचलो'बादल'
आजउनसेगलेमिलेंगेहम
  - Ajit Singh Badal
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