laga ke dhadkan men aag meri b-rang-e-raks-e-sharar gaya vo | लगा के धड़कन में आग मेरी ब-रंग-ए-रक़्स-ए-शरर गया वो

  - Ajay Sahaab
लगाकेधड़कनमेंआगमेरीब-रंग-ए-रक़्स-ए-शररगयावो
मुझेबनाकेसुलगतासहरामिरेजहाँसेगुज़रगयावो
यूँँनींदसेक्यूँँमुझेजगाकरचराग़-ए-उम्मीदफिरजलाकर
हुईसहरतोउसेबुझाकरहवाकेजैसागुज़रगयावो
वोरेतपरइकनिशानजैसाथामोमकेइकमकानजैसा
बड़ासँभलकरछुआथामैंनेएकपलमेंबिखरगयावो
वोसाथमेरेथाजैसेहरपलवोदेखताथामुझेमुसलसल
ज़रासामौसमबदलगयातोचुराकेमुझसेनज़रगयावो
वोएकबिछड़ेसेमीतजैसावोइकभुलाएसेगीतजैसा
कोईपुरानीसीधुनजगाकरवजूद-ओ-दिलमेंउतरगयावो
वोदोस्तसारेथेचारपलकेजोचलदिएहम-सफ़रबदलके
'सहाब'-ए-नादाँवहींखड़ाहैउसीडगरपरठहरगयावो
  - Ajay Sahaab
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