tark-e-taalluq kar to chuke hain ik imkaan abhii baaki hai | तर्क-ए-त'अल्लुक़ कर तो चुके हैं इक इम्कान अभी बाक़ी है

  - Aitbar Sajid
तर्क-ए-त'अल्लुक़करतोचुकेहैंइकइम्कानअभीबाक़ीहै
एकमहाज़सेलौटआएहैंइकमैदानअभीबाक़ीहै
शायदउसनेहँसीहँसीमेंतर्क-ए-वफ़ाकाज़िक्रकियाहो
यूँँहीसीइकख़ुश-फ़हमीहैइत्मीनानअभीबाक़ीहै
रातेंउसकेहिज्रमेंअबभीनज़अकेआलममेंकटतीहैं
दिलमेंवैसीहीवहशतहैतनमेंजानअभीबाक़ीहै
बचपनकेइसघरकेसारेकमरेमालिया-मेटहुए
जिसमेंहमखेलाकरतेथेवोदालानअभीबाक़ीहै
दिएमुंडेररखआतेहैंहमहरशामजानेक्यूँँ
शायदउसकेलौटआनेकाकुछइम्कानअभीबाक़ीहै
एकअदालतऔरहैजिसमेंहमतुमइकदिनहाज़िरहोंगे
फ़ैसलासुनकरख़ुशमतहोनाइकमीज़ानअभीबाक़ीहै
  - Aitbar Sajid
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