वोपहलीजैसीवहशतेंवोहालहीनहींरहा
किअबतोशौक़-ए-राहत-ए-विसालहीनहींरहा
तमामहसरतेंहरइकसवालदफ़्नकरचुके
हमारेपासअबकोईसवालहीनहींरहा
तलाश-ए-रिज़्क़मेंयेशामइसतरहगुज़रगई
कोईहैअपनामुंतज़िरख़यालहीनहींरहा
इनआतेजातेरोज़-ओ-शबकिगर्दिशोंकोदेखकर
किसीकेहिज्रकाकोईमलालहीनहींरहा
हमाराक्याबनेगाकुछनकुछतोइसपेसोचते
मगरकभीहमेंग़म-ए-मआलहीनहींरहा
तुम्हारेख़ाल-ओ-ख़दपेइककिताबलिखरहेथेहम
मगरतुम्हाराहुस्नबे-मिसालहीनहींरहा
सँवारतानिखारतामैंकैसेअपनेआपको
तुम्हारेबादअपनाकुछख़यालहीनहींरहा
ज़रासीबातसेदिलोंमेंइतनाफ़र्क़आगया
तअल्लुक़ातकातोफिरसवालहीनहींरहा