kisi ko ham se hain chand shikwe kisi ko behad shikaayaten hain | किसी को हम से हैं चंद शिकवे किसी को बेहद शिकायतें हैं

  - Aitbar Sajid
किसीकोहमसेहैंचंदशिकवेकिसीकोबेहदशिकायतेंहैं
हमारेहिस्सेमेंसिर्फ़अपनीसफ़ाइयाँहैंवज़ाहतेंहैं
क़दमक़दमपरबदलरहेहैंमुसाफ़िरोंकीतलबकेरस्ते
हवाओंजैसीमोहब्बतेंहैंसदाओंजैसीरिफाक़तेंहैं
किसीकामक़रूज़मैंनहींपरमिरेगरेबाँपेहाथसबके
कोईमिरीचाहतोंकादुश्मनकिसीकोदरकारचाहतेंहैं
तिरीजुदाईकेकितनेसूरजउफ़ुक़पेडूबेमगरअभीतक
ख़लिशहैसीनेमेंपहलेदिनसीलहूमैंवैसीहीवहशतेंहैं
मिरीमोहब्बतकेराज़-दाँनेयेकहकेलौटादियामिराख़त
किभीगीभीगीसीआँसुओंमेंतमामगुंजलकइबारतेंहैं
मैंदूसरोंकीख़ुशीकीख़ातिरग़ुबारबनकरबिखरगयाहूँ
मगरकिसीनेयेहक़मानाकिमेरीभीकुछज़रूरतेंहैं
  - Aitbar Sajid
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy