vo jo apni zaat men rakhte hain ur | वो जो अपनी ज़ात में रखते हैं उर्यानी का शोर

  - Aisha Ayyub
वोजोअपनीज़ातमेंरखतेहैंउर्यानीकाशोर
ख़ुल्दसेआएहैंलेकेरूह-ए-यज़्दानीकाशोर
दश्तमेंरहतेहैंप्यासेऔरदरीचेवाकिए
ख़ुशहुआकरतेहैंसुनकेदूरसेपानीकाशोर
एकलड़कीचूड़ियाँखनकारहीथीऔरतभी
उसखनकसेउठरहाथाजैसेज़िंदानीकाशोर
हरकिसीकाएकला-ज़ाहिरमुक़र्रबहैमगर
दुश्मन-ए-दौरान-ए-दुनियामेंहैबुरहानीकाशोर
मेरेघरकेबाम-ओ-दरसबबनगएहैंक़िस्सा-गो
हैमोहब्बतकीख़मोशीऔरपशेमानीकाशोर
ज़ब्त-ए-ग़मकोतूलदेजबज़ीस्तकीयकसानियत
मौतकीआवाज़सेआताहैआसानीकाशोर
मैंपरी-पैकरहूँलेकिनबे-ज़बाँहरगिज़नहीं
सारीदुनियानेसुनाहैज़र्फ़-ए-निस्वानीकाशोर
वोमुजस्समख़ुश-बदनयूँँतोसुख़न-वरहैमगर
उसकेअंदरगूँजताहैरम्ज़-ए-पिन्हानीकाशोर
सबसितारेझिलमिलाएचाँदकीआग़ोशमें
जबअँधेरेमेंवोलायाअपनीताबानीकाशोर
उसनेपर्बतपरसदादीजाकेमुझको'आइशा'
औरवहाँसेलौटआयामेरीवीरानीकाशोर
  - Aisha Ayyub
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