fira kisi ka ilaahi kisi se yaar na ho | फिरा किसी का इलाही किसी से यार न हो

  - Aish Dehlvi
फिराकिसीकाइलाहीकिसीसेयारहो
कोईजहानमेंबरगश्ता-ए-रोज़गारहो
हमउसकीचश्म-ए-सियह-मस्तकेहैंमस्ताने
येवोनशेहैंकिजिसकाकभीउतारहो
जहानमेंकोईकहतानहींख़ुदा-लगती
वोक्याकरेजिसेदिलपरभीइख़्तियारहो
फाड़ेदामन-ए-सहराकोक्यूँँकिदस्त-ए-जुनूँ
रहाजबअपनेगरेबाँमेंएकतारहो
खेलजानपरअपनीतूदिल-ए-नादाँ
ख़ुदाकोयादकरइतनातूबे-क़रारहो
भूलज़ोहदपेलज़्ज़तसेबख़्शिश-ए-हक़की
वोबे-नसीबहैजबतकगुनाहगारहो
तुम्हारेसरकीक़समखाकेदर्ददिलकाकहूँ
जोमेरेलिखनेकायूँँतुमकोए'तिबारहो
जनाब-ए-शैख़जीसाहिबमैंएकअर्ज़करूँँ
अगरमिज़ाज-ए-मुक़द्दसपेनागवारहो
जनाबरिंदोंसेमिलतेतोहैंपेडरहैमुझे
किदुश्मनोंकाकिसीदिनवहाँअचारहो
बहुतहैख़ेमा-ए-गर्दूंकेफूँकनेकोतो'ऐश'
इसआह-ए-तुफ़्ताजिगरमेंअसरहज़ारहो
  - Aish Dehlvi
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