jo jo shoor-e-zehan pe aata chala gaya | जो जो शुऊर-ए-ज़ेहन पे आता चला गया

  - Ahsan Lakhnavi
जोजोशुऊर-ए-ज़ेहनपेआताचलागया
दिलकुल्फ़तोंकेदाग़मिटाताचलागया
लाकरबहार-ए-नौकेगुल-ए-नुदरत-ए-ख़याल
सहराकोमैंचमनसाबनाताचलागया
अल्लाहकायेफ़ज़्लहैमुझपेकिबहर-ए-इल्म
कूज़ेसेमेरेदिलमेंसमाताचलागया
अल्फ़ाज़केगुहरसग़ज़लकीज़मींकोमैं
जैसेफ़लक-नज़ादबनताचलागया
तार-ए-नफ़सपेछेड़केइकनग़्मा-ए-हयात
मैंआगहीकेसाज़पेगाताचलागया
उल्फ़तकीराहकरकेज़मानेपेआश्कार
'अहसन'मैंख़ार-ए-राहहटाताचलागया
  - Ahsan Lakhnavi
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