इलाज-ए-हसरत-ए-दिल-गीरकररहाहूँमैं
मुक़द्दरातकीता'मीरकररहाहूँमैं
तसव्वुरातकीकिर्चेंसमेटकरएकइक
बुरीदाख़्वाबकीतफ़्सीरकररहाहूँमैं
किगूँधकरमह-ए-ताबाँकीज़ौ-फ़िशाँकिरनें
इलाज-ए-ज़ुल्मत-ए-बे-पीरकररहाहूँमैं
जगाकेफ़हमकीलौज़ेहनकेदरीचोंमें
नएनिज़ामकोतहरीरकररहाहूँमैं
येअज़्महैकिबदलदूँमैंबख़्तकाचेहरा
ब-सदख़ुलूसयेतदबीरकररहाहूँमैं
हसीनरातकिरनचाँदकीहिनाकीमहक
मिलाकेअबतेरीतस्वीरकररहाहूँमैं