bechain dil hai phir bhi chehre pe dilkashi hai | बेचैन दिल है फिर भी चेहरे पे दिलकशी है

  - Ahsan Imam Ahsan
बेचैनदिलहैफिरभीचेहरेपेदिलकशीहै
मुफ़्लिसकीज़िंदगीमेंजोकुछहैक़ुदरतीहै
एहसासकापरिंदाजागाहैमेरेअंदर
उसकीअतासेख़ुशहूँदिलमहव-ए-बंदगीहै
सहराओंसेतोप्यासेलौटेनहींकभीहम
दरियाकेबीचमेंहैंतोप्यासलगरहीहै
हमसोचतेहैंअक्सरक्यूँँहश्रसाहैबरपा
जज़्बोंमेंहैतरावतफ़िक्रोंमेंशो'लगीहै
मौसमकीहीतरहअबइंसाँबदलरहेहैं
येफ़ैज़-ए-आगहीहैयाक़स्द-ए-गुमरहीहै
किससेकहूँमैं'अहसन'रोज़-ए-अज़लसेअबतक
कुटियोंमेंतीरगीहैमहलोंमेंरौशनीहै
  - Ahsan Imam Ahsan
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