asr-e-haazir ka jo insaan nazar aata hai | अस्र-ए-हाज़िर का जो इंसान नज़र आता है

  - Ahsan Imam Ahsan
अस्र-ए-हाज़िरकाजोइंसाननज़रआताहै
बसपरेशानपरेशाननज़रआताहै
नफ़रत-ओ-बुग़्ज़कीमस्मूमहवाऐसीचली
कूचा-ए-जानाँभीवीराननज़रआताहै
मिरीहस्तीकीइमारतभीगिरासकताहै
उसकीआँखोंमेंजोतूफ़ाननज़रआताहै
ज़िंदाइंसानभीजलतेहैंचिताओंमेंजहाँ
मुल्कयेऐसाहीशमशाननज़रआताहै
हादिसाकैसायेगुज़राहैकिहरसूमुझको
कर्ब-ओ-आज़ारकातूफ़ाननज़रआताहै
इसक़दरबढ़गईसफ़्फ़ाकी-ए-इंसाँ'अहसन'
जिसकोदेखोवहीहैवाननज़रआताहै
  - Ahsan Imam Ahsan
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