khayal vo bhi mire zehan ke makaan men tha | ख़याल वो भी मिरे ज़ेहन के मकान में था

  - Ahsan Imam Ahsan
ख़यालवोभीमिरेज़ेहनकेमकानमेंथा
जोआजतकमकीन-ए-गुमाँकेध्यानमेंथा
वोदेखतारहाहसरतसेआसमाँकीतरफ़
छुपाहुआवोपरिंदाजोसाएबानमेंथा
ज़मींपेकोईसमाअ'तथीमुंतज़िरमेरी
सदाकीशक्लमुअ'ल्लक़मैंआसमानमेंथा
मिरानसीबतोख़ुशियोंकीभीड़मेंअक्सर
चराग़कीतरहरौशनकिसीदुकानमेंथा
कभीमुझेभीतोकरनापड़ेगासमझौता
बहुतदिनोंसेयेख़दशामिरेगुमानमेंथा
तिरेसवालकाकैसेजवाबदेतामैं
किजबमैंखोयाहुआफ़िक्रकीउड़ानमेंथा
वहीतोआगलगाताफिरागुलिस्ताँमें
जो'अहसन'अहल-ए-चमनमेंबाग़बानमेंथा
  - Ahsan Imam Ahsan
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