us jaisa yahaañ koi bhi fankaar nahin hai | उस जैसा यहाँ कोई भी फ़नकार नहीं है

  - Ahmad Sidiqi
उसजैसायहाँकोईभीफ़नकारनहींहै
क़ातिलहैमगरहाथमेंतलवारनहींहै
उठूँगामगरसुब्हतोहोनेदेमुअज़्ज़िन
सोनेकेलिएनींदभीदरकारनहींहै
यूँँहैकिफ़क़तदेखकेहोतीहैतसल्ली
मा'मूलीकोईनक़्शयादीवारनहींहै
दर्द-ए-दिल-ए-मजरूहकोईसमझेतोकैसे
इसशहरमेंमुझसाकोईबीमारनहींहै
हाथोंमेंलिएहाथगुज़रतेरहेहमदो
फिरजाकेहुआइल्ममुझेप्यारनहींहै
तस्वीरतिरीआँखमिलातीरहीदिनभर
परहाथमिलानेकोयेतय्यारनहींहै
  - Ahmad Sidiqi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy