dil ki KHvaahish badhte badhte toofaan hoti jaati hai | दिल की ख़्वाहिश बढ़ते बढ़ते तूफ़ाँ होती जाती है

  - Ahmad Shahid Khan
दिलकीख़्वाहिशबढ़तेबढ़तेतूफ़ाँहोतीजातीहै
ज़रकीचाहतअबलोगोंकाईमाँहोतीजातीहै
प्यारमोहब्बतहमदर्दीकेरिश्तेथेइंसानोंमें
दिलवालोंकोअबयेदुनियाज़िंदाँहोतीजातीहै
मरघटकासासन्नाटाहैघरकूचेबाज़ारोंमें
दिलकीबस्तीरफ़्तारफ़्तावीराँहोतीजातीहै
इंसानोंकेख़ूँकेप्यासेऔरनहींख़ुदइंसाँहैं
अक़्लबिचारीदेखकेदुनियाहैराँहोतीजातीहै
झूटेवा'देसुनतेसुनतेसपनेचकना-चूरहुए
मायूसीबे-ज़ारीदिलमेंमेहमाँहोतीजातीहै
  - Ahmad Shahid Khan
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