phool KHushboo un pe udti titliyon ki KHair ho | फूल ख़ुशबू उन पे उड़ती तितलियों की ख़ैर हो

  - Ahmad Sajjad Babar
फूलख़ुशबूउनपेउड़तीतितलियोंकीख़ैरहो
सबकेआँगनमेंचहकतीबेटियोंकीख़ैरहो
जितनेमीठेलहजेहैंसबगीतहोंगेएकदिन
मीठेलहजोंसेमहकतीबोलियोंकीख़ैरहो
चुनरियोंमेंख़्वाबलेकरचलपड़ीहैंबेटियाँ
इनपराएदेसजातीडोलियोंकीख़ैरहो
बारिशोंकेशोरमेंक्यूँँजागतेहैंदर्दभीसहन-ए-जाँमेंरक़्सकरतीबदलियोंकीख़ैरहो
रख़्त-ए-दिलकोथामकरवोगईहैंरेतपर
ख़्वाहिशोंकीख़ैरहोउनपगलियोंकीख़ैरहो
अबकबूतरफ़ाख़ताएँजाचुकीहैंगाँवसे
ख़ुदावंदपेड़कीऔरबस्तियोंकीख़ैरहो
रातहै'बाबर'खड़ीसैलाबकाभीज़ोरहै
साहिलोंकीमाँझियोंकीकश्तियोंकीख़ैरहो
  - Ahmad Sajjad Babar
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