हैंशाख़शाख़परेशाँतमामघरमेरे
कटेपड़ेहैंबड़ीदूरतकशजरमेरे
चराग़इनपेजलेथेबहुतहवाकेख़िलाफ़
बुझेबुझेहैंजभीआजबाम-ओ-दरमेरे
हज़ारोंसालकीतारीख़लिक्खीजाएगी
ज़मींकेबत्नसेउभरेंगेजबखंडरमेरे
येदेखनाहैकिअबहारमानताहैकौन
उधरहैवुसअत-ए-इम्काँइधरहैंपरमेरे
मैंअपनीज़ातकीता'बीरकीतलाशमेंथा
तोमेरेख़्वाबचलेबनकेहम-सफ़रमेरे
सुराग़-ए-मौसम-ए-गुलकेअमीनकीसूरत
खिलेहुएहैंख़िज़ाँमेंभीज़ख़्म-ए-सरमेरे