main KHaak ho raha hooñ yahaañ khaak-daan men | मैं ख़ाक हो रहा हूँ यहाँ ख़ाक-दान में

  - Ahmad Rizwan
मैंख़ाकहोरहाहूँयहाँख़ाक-दानमें
वोरंगभररहाहैउधरआसमानमें
येकौनबोलताहैमिरेदिलकेअंदरूँ
आवाज़किसकीगूँजतीहैइसमकानमें
फिरयूँँहुआकिज़मज़मा-पर्दाज़होगई
वोअंदलीबऔरकिसीगुलसितानमें
उड़तीहैख़ाकदिलकेदरीचोंकेआस-पास
शायदमकीनकोईनहींइसमकानमें
यूँँहीनहींरुकाथाज़रादेरकोसफ़र
दीवारगईथीकोईदरमियानमें
इकख़्वाबकीतलाशमेंनिकलाहुआवजूद
शायदपहुँचचुकाहैकिसीदास्तानमें
'अहमद'तराशताहूँकहींबादमेंउसे
तस्वीरदेखलेताहूँपहलेचटानमें
  - Ahmad Rizwan
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