क़याम-ए-दैर-ओ-तवाफ़-ए-हरमनहींकरते
ज़माना-साज़तोकरतेहैंहमनहींकरते
तुम्हारीज़ुल्फ़कोसुलझाएँगेवोदीवाने
जोअपनेचाक-ए-गरेबाँकाग़मनहींकरते
उतरचुकाहैरग-ओ-पैमेंज़हर-ए-ग़मफिरभी
ब-पास-अहद-ए-वफ़ाचश्मनमनहींकरते
येअपनादिलहैकिइसहालमेंभीज़िंदाहैं
सितमकुछअहल-ए-सितमहमपेकमनहींकरते
गिरफ़्ता-दिलहैंबुतान-ए-हरमकिअबशाइर
नशात-ओ-ऐशकेसामाँबहमनहींकरते
सुनारहेहैंजहाँकोहदीस-ए-दार-ओ-रसन
हिकायत-ए-क़द-ओ-गेसूरक़मनहींकरते
वोआस्तान-ए-शहीहोकिआस्ताना-ए-दोस्त
येअबकहींसर-ए-तस्लीमख़मनहींकरते