tanhaaiyon ke dasht men akshar mila mujhe | तन्हाइयों के दश्त में अक्सर मिला मुझे

  - Ahmad Rahi
तन्हाइयोंकेदश्तमेंअक्सरमिलामुझे
वोशख़्सजिसनेकरदियामुझसेजुदामुझे
वारफ़्तगीमिरीहैकिहैइंतिहा-ए-शौक़
उसकीगलीकोलेगयाहररास्तामुझे
जैसेहोकोईचेहरानयाउसकेरू-ब-रू
यूँँदेखतारहामिराहरआश्नामुझे
हर्फ़-ए-ग़लतसमझकेजोमुझकोमिटागया
उसजैसाउसकेब'अदकोईलगामुझे
पहलेहीमुझपेकमनहींतेरीइनायतें
दमलेनेदेगर्दिश-ए-दौराँज़रामुझे
मुश्किलमुझेडूबनाकिनारेपेभीथा
नाहक़भँवरमेंलायामिरानाख़ुदामुझे
येज़िंदगीकिमौतभीहैजिसपेनौहा-ख़्वाँ
किसजुर्मकीजानेमिलीहैसज़ामुझे
  - Ahmad Rahi
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