dil pe jab dard ki uftaad padi hoti hai | दिल पे जब दर्द की उफ़्ताद पड़ी होती है

  - Ahmad Rahi
दिलपेजबदर्दकीउफ़्तादपड़ीहोतीहै
दोस्तोवोतोक़यामतकीघड़ीहोतीहै
जिसतरफ़जाएँजहाँजाएँभरीदुनियामें
रास्तारोकेतिरीयादखड़ीहोतीहै
जिसनेमरमरकेगुज़ारीहोयेउससेपूछो
हिज्रकीरातभलाकितनीकड़ीहोतीहै
हँसतेहोंटोंसेभीझड़तेहैंफ़सानेग़मके
ख़ुश्कआँखोंमेंभीसावनकीझड़ीहोतीहै
जबकोईशख़्सकहींज़िक्र-ए-वफ़ाकरताहै
दिलकोदोस्तोतकलीफ़बड़ीहोतीहै
इसतरहबैठेहैंवोआजमिरीमहफ़िलमें
जिसतरहशीशेमेंतस्वीरजड़ीहोतीहै
  - Ahmad Rahi
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