hisaar-e-zaat se baahar nikal ke dekh liya | हिसार-ए-ज़ात से बाहर निकल के देख लिया

  - Ahmad Raees
हिसार-ए-ज़ातसेबाहरनिकलकेदेखलिया
ज़मानेहमनेतिरेसाथचलकेदेखलिया
मिलाहमकोज़राभीक़रारदुनियामें
क़दममिलाकेतिरेसाथचलकेदेखलिया
वहीहैतीरा-शबीऔरवहीहैसन्नाटा
ख़लामेंदूरबहुतदूरचलकेदेखलिया
जलादीपकोईचाहतोंकारस्तेमें
हुजूम-ए-शहरमेंतन्हाभीचलकेदेखलिया
अताहुआहमेंकोईतमग़ा-ए-उलफ़त
तुम्हारेरंगमेंहमनेभीढलकेदेखलिया
हुएआजतलकहमशुमारज़िंदोंमें
हरइकलिबासबदनकाबदलकेदेखलिया
  - Ahmad Raees
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