qaba-e-jaan ko sar-e-raah taar-taar na kar | क़बा-ए-जाँ को सर-ए-राह तार-तार न कर

  - Ahmad Raees
क़बा-ए-जाँकोसर-ए-राहतार-तारकर
येज़िंदगीहैइसेनज़्र-ए-इंतिशारकर
हमअहल-ए-दिलहैंमोहब्बतहमाराशेवाहै
हमारेसाथसियासतकाकारोबारकर
जुदाहुआहैतोमुझकोढूँडरस्तोंपर
बिछड़गयाहैतोअबमेराइंतिज़ारकर
हमेंदेखहमारेअमलकीकरतौक़ीर
वजूद-ए-अस्ल-ए-हक़ीक़तकोसंगसारकर
क़ुबूलहमकोतिरीबे-रुख़ीकाहरअंदाज़
मगरतूयूँँसर-ए-बाज़ारहमपेवारकर
उछालफिरफ़ज़ामेंलहूकीयेबूँदें
सितमकीतेग़कोयारोंकेदिलकेपारकर
  - Ahmad Raees
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