hai zulf-e-shab ki tamannaa tire shabaab ka rang | है ज़ुल्फ़-ए-शब की तमन्ना तिरे शबाब का रंग

  - Ahmad Merathi
हैज़ुल्फ़-ए-शबकीतमन्नातिरेशबाबकारंग
जोदेखलेतोबदलजाएमाहताबकारंग
तिरीनिगाहकीयेकैफ़-बारियांतौबा
भराहुआतिरीआँखोंमेंहैशराबकारंग
अयाँहुआहैमोहब्बतकीदास्ताँबनकर
किसीकेचेहरा-ए-पुर-नूरपरहिजाबकारंग
हैउनकीचश्म-ए-तजाहुलकीकार-फ़रमाई
बदलगयाजोमिरीज़ीस्तकीकिताबकारंग
दिल-ए-हज़ींपेपूछोगुज़रगईक्याक्या
निगाह-ए-हुस्नमेंदेखाजोइज्तिनाबकारंग
येरंग-ओ-बू-ए-चमनआरज़ीहैंयूँँ'अहमद'
किसत्ह-ए-आबपेजिसतरहइकहबाबकारंग
  - Ahmad Merathi
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