koi hairat hai na is baat ka rona hai ha | कोई हैरत है न इस बात का रोना है हमें

  - Ahmad Khayal
कोईहैरतहैइसबातकारोनाहैहमें
ख़ाकसेउट्ठेहैंसोख़ाकहीहोनाहैहमें
फिरत'अल्लुक़केबिखरनेकीशिकायतकैसी
जबउसेकाँचकेधागोंमेंपिरोनाहैहमें
उँगलियोंकीसभीपोरोंसेलहूरिसताहै
अपनेदामनकेयेकिसदाग़कोधोनाहैहमें
फिरउतरआएहैंपलकोंपेसिसकतेआँसू
फिरकिसीशामकेआँचलकोभिगोनाहैहमें
येजोअफ़्लाककीवुसअतमेंलिएफिरतीहै
इसअनानेहीकिसीरोज़डुबोनाहैहमें
  - Ahmad Khayal
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